Tag: हाइकु

मानव जात – डी के निवातिया

मानव जातचींटी से भी है कमतेरी औक़ात ।।दिल का छोटा,आदम की औलाद,कर्म का खोटा ।।काज न भाये,मुफ्तखोर शैतान,बाज़ न आये ।।नीच इंसान,राम राम भजतेबना हैवान ।।कर्म से गन्दा,मानवता की …

हाइकू मज़दूर- मज़बूर – डी के निवातिया

हाइकू मज़दूर- मज़बूर *** सुदूर गाँवशहर ये बेगानामिले न ठाँव !! प्रवासी चलेनापे ज़मीं आसमांकदमो तलें !! रोज़ी की खोज,पत्थर बने फूल,रुई का बोझ !! गाँव के लोगशहरो पर …

नफ़रत – डी के निवातिया

विषय : नफ़रतविद्या : हाइकु*** *** *** शासक मौन,नफ़रत की आगबुझाए कौन।। रोपे हैवान,नफ़रत के बीज,रोये इंसान।। प्रीत की रीतनफ़रत न करदिल को जीत ।। फूलों में पले,फैली जो …

पहेली (हाइकु) – डी के निवातिया

विषय: पहेलीविधा : हाइकु२१/०५/२०१९ चींटी की चोटहाथी भी लोट पोटकैसी पहेली !! सुन सहेलीढूंढ मोरे बलमाबुझा पहेली !! मुर्दो की भीड़शहर में अकेलीबन पहेली !! एक पहेलीजीवन और मृत्युसबने …

परिणाम हाइकु – डी के निवातिया

पांच हाइकु आपकी नज़र (परिणाम) ***प्रीत की रीत,सत्य का परिणाम,मिलेगी जीत !!बंसी की धुन,प्रीत का परिणाम,राधा से सुन !!खुद में ढलमिलेगा परिणामकर्म का फल !!कर्म दुरुस्त ,सुखद परिणाममन संतुष्ट …

मौन…हाइकु….सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

II मौन IIII हाइकु II१.राधा सा मौनसमाधिपाद कुञ्जकृष्णा मिलन२.मौन वरणजग का विस्मरणचिंता हरण३.बाहर मौननाद गूंजे भीतरमन ‘पागल’४.ब्रह्म मुहूर्तमन मौन सागरसूर्य वरण\/ सी.एम्.शर्मा (बब्बू) Оформить и получить экспресс займ на …

” गुलिस्ताँ ” (साहित्य की फुलवारी )

साहित्य प्रेमियों के लिए ख़ुशी की बात है की साहित्य समूह के कुछ सदस्यों ने एक साथ मिलकर एक पुस्तक ” गुलिस्ताँ ” (साहित्य की फुलवारी ) का सफल …

पूजा…हाइकु….सी.एम्.शर्मा (बब्बू)….

II पूजा IIविधा: हाइकु१.मन का थालसात्विक भाव फूलपूजा सम्पूर्ण२.गुरु चरणत्यागे पांच विकारपूजा सफल३.मन के विकारपूजा अवरोधककर निस्तार4.टूटे ‘चौरासी’विकार बनवासीपूजा सुवासी\/सी.एम्.शर्मा (बब्बू) Оформить и получить экспресс займ на карту без …

ये बालक कैसा? (हाइकु विधा)

ये बालक कैसा? (हाइकु विधा)अस्थिपिंजरकफ़न में लिपटाएक ठूँठ सा।पूर्ण उपेक्ष्यमानवी जीवन काकटु घूँट सा।स्लेटी बदनउसपे भाग्य लिखेमैलों की धार।कटोरा लिएएक मूर्त ढो रहीतन का भार।लाल लोचनअपलक ताकतेराहगीर को।सूखे से …

पाँच हाइकू — बेटी —डी के निवातिया

पाँच हाइकू   ****** गोद भरी थीसूख गई ममताबेटी जो आई !!!ममत्व जागादेखकर रोये माँवक़्त अभागा !! !जब भी खिलीजमाने ने कुचलाघायल मिली !!!आँगन पलीबाबुल की लाड़लीघर से चली …

समझो पीड़ा (हाइकु)- शिशिर मधुकर

भीषण बाढ़ धरती कराहती समझो पीड़ा।बरखा आए मयूर छुप गएचैन कहीं ना। राह कांटों की मुश्किल है चलना छलनी सीना। फूल खिले है चिड़ियाएं उड़ती संग में जीना।शिशिर मधुकर …

सावन आया — डी के निवातिया

सावन आया *** सावन आयाबरसते बादलपपीहा बोले !! वज्र कड़केघनघोर है घटानाचे मयूर !! प्रथम वर्षाजलाशय प्रतापनहाते बाल !! बूंदे गिरतीपुलकित रमनाचहके खग !! बहे फुहारलहलाती फसलेझूमे कृषक !! …

मेघा गरजे (हाइकु ) – शिशिर मधुकर

सूखी धरती दिल को दुख देती करूँ जतन ।मेघा गरजे पुलकित मनवा स्नेह मिलन।बहता पानी सब मैल धो दिया भीगा ये तन ।शिशिर मधुकर Оформить и получить экспресс займ …

नज़दीक हुए वो (हाइकु)- शिशिर मधुकर

गहरी खाई जब जब भी झांकाचिंताएं जागीं। सम भूमि पे नज़दीक हुए वो तन्हाई भागी।शिशिर मधुकर Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в …

नेह की बूंदें (हाइकु) – शिशिर मधुकर

मित्रों हाइकु के क्षेत्र में मेरा प्रथम प्रयास प्रेम खो गया स्वार्थ में अनबन उदास मन। उम्मीदें टूटीं बुझ गई रोशनी केवल तम। नेह की बूंदें बरसे जब जबचहका …

आओ सीखें हाइकू —एक प्रयास — डी. के. निवातिया

आओ सीखें हाइकू लहर चलीलेखन है हाइकुकैसे लिखेंगे !!सुनो साथियोआओ सीखें हाइकूकैसी है  बला !!हाइकु विधाएक जापानी काव्यजनक बाशो !!हाइकु विधाअदभुत लेखनशिल्प कठिन !!आत्म-मंथनभाव या विचारों काशब्द उचित !!पृथक भावदो …

हाइकू….सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…. 

नील गगनमहबूब आँगनचाँद दीदारआकाश गंगाअनगिनत तारेतेरी चुन्नरीकोयल कूकेमकसद इसकाप्यार की बोलीदिल समझेबिना लिपि ज्ञान कीनैनों की भाषामंदिर दिलसजा है मुरशिददेख उसकोभीतर सुनहै गुंजायमान वोईष्ट की बोली\/चन्दर कहेलिखे मैंने हाइकूनज़र …

आतंकवाद ( हाइकु )

आतंकवाद मानवताविहीन चैतन्यहीन । खुश हैं गिद्ध आतंक चहुंओर शव ही शव । विलाप अश्रु हृदयविदारक घायलमन । तेल की आग शीर्ष का षडयंत्र अर्थ का मंत्र । दिशा …

सावन……………(हाइकु )

सावन आया रिमझिम बरसे प्रेम फुहार !! पपीहा बोले नाचे मयूर दल कोयल कूके !! मेघा गरजे बिजुरिया कड़के दहले मन !! मंद पवन संग बहे बयार झूमे दरखत …

ग्रीष्म कालीन अवकाश

ग्रीष्म कालीन अवकाश ग्रीष्म कालीन अवकाश प्रारम्भ स्कूलों में छुट्टी।। पढाई बंद खेलकूद के दिन बच्चे प्रसन्न ।। सैर को जाये पिकनिक मनाये मौज उड़ाये ।। दिनों के बाद …

आया बसंत……..

आया बसंत फूल खिलने लगे पतझड़ में !! मीठी सी धूप अमवा पे बहार बौर आने की !! खेतो में सजे कच्ची पक्की फसल बालियाँ झूमे !! सरसों पर …