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कोरोना ग़ज़ल

विश्व अब चिंतित बहुत है आई संकट की घड़ी हैकष्ट भय चर्चित बहुत है आईं संकट की घड़ी हैयह महामारी बनी दुस्साध्य कोविड है चुनौतीसंक्रमण गर्हित बहुत है आई …

खूब पहचाना – शिशिर मधुकर

दीवाना हूं तेरे अंदाज का तू सुन ले ओ जाना मुहब्बत की मेरी फितरत को तूने खूब पहचाना मिलन की राह मैं तुझ से बेसब्र हो के तकता हूं …

याद मद्धिम नहीं होती – शिशिर मधुकर

दिलों में प्यार जगता है तो हिम्मत बढ़ ही जाती है मुसलसल पी रहे हो मय तो सर पे चढ़ ही जाती है मुहब्बत किस से हो जाए कोई …

शक अब कर नहीं सकते – शिशिर मधुकर

मुहब्बत हो गई तुमको तो शक अब कर नहीं सकतेखुदा की मर्जी के रिश्ते यूं पल में मर नहीं सकते किसी में जो भी हम चाहें सभी होता नहीं …

सच को जाना है – शिशिर मधुकर

खुदा ने जो दिया मुझको उसे अब मैंने माना है यही खुशियों का रस्ता है असल इस सच को जाना है सताएंगे नहीं खुद को सोच के फ़ालतू बातें …

देता नहीं हूं दगा मैं – शिशिर मधुकर

मेरा दर्द उसने पढ़ा तो अपना सा उसको लगा मैं उसको समझ झट से आया देता नहीं हूं दगा मैं जिसको भी अपना बनाया रिश्ते को हरदम निभाया जिसने …

अधूरे ख्वाब – शिशिर मधुकर

मुहब्बत जो भी करता है उसे पागल बताते हैं ना जाने लोग दुनिया के ये आखिर क्या जताते हैं देखता हूं मैं लोगों को खुद से नाराज हैं जो …

जिसमें खुशबू बसी हो सनम की – शिशिर मधुकर

ये जो रिश्ता बनाया है रब ने भुलाया वो जाता नहीं है जागा अरमां जो दिल में मिलन का सुलाया वो जाता नहीं है जिसे रोते से हमनें हंसाया …

कुछ भी जताता नहीं है – शिशिर मधुकर

जिस से मिली थी मुहब्बत वो पास आता नहीं है ये दूरी का,मंजर अधिक अब बिलकुल सुहाता नहीं है ना तोड़े ना छोड़े ये रिश्ता बना जो खुदा के …

सीमा शराफत की – शिशिर मधुकर

तुझसे लगन जो लगी है किसी से भी लगती नहीं है मुहब्बत कभी जिंदगी में अपनों को ठगती नहीं है कोई बात तुझमे अनोखी मुझ को नजर आए हर …

नए अरमान जागे हैं – शिशिर मधुकर

मिले हो तुम सफर में तो नए अरमान जागे हैं मुहब्बत में दिलों को बांधते भावों के धागे हैं जिन्हें अंदाज ही ना हो मुहब्बत बिन है सूना सब …