Tag: dard bhari shayari

चाहत |

बेहिसाब चाहत की, सज़ा पा रहा हूँ..!आजकल मैं उनको, खफ़ा पा रहा हूँ..!आते थे जो हर वस्ल में ख़ुशी से,ख़्यालों में भी उनको, जुदा पा रहा हूँ..!मार्कण्ड दवे । …

दर्द ।

बरसों पहले ग़म उधार लिया था, दर्द महाजन से मैंने…!आजतक सूद चूका रहा हूँ, खुशीयोँ का पेट काट के…!मार्कण्ड दवे । दिनांकः १२-१२-२०१८. Оформить и получить экспресс займ на …

हुनर ।

उसने छोड़ना बेहतर समझा, मैंने जान देना…!सब के अपने-अपने, हुनर होते हैं मेरे दोस्त…!मार्कण्ड दवे । दिनांकः१०-१२-२०१८. Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды …

ख़ौफ़ ।

सिर्फ मौत का ख़ौफ़ काफ़ी नहीं, मुझे ड़राने के लिए….!सामने आ, नज़रें मिला, बात कर, शायद मैं ड़र जाऊँ….!मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०५-१२-२०१८. Оформить и получить экспресс займ на …

धीरे-धीरे ।

जीने की तमन्ना, रूठ रही है, धीरे-धीरे..!ये रूह भी तन से, ऊब रही है, धीरे-धीरे..!समझाती है सांसें उनको, जी-जान से मगर,सांसें भी तो देखो, टूट रही है, धीरे-धीरे..!मार्कण्ड दवे …

तमाशा ।

एक तमाशबीन से मैंने पूछ लिया, मेरी मौत को, तमाशा कैसे बनाऊँ..!उसने कहा, ” तू ज़िंदगी सही जी ले,मौत तमाशा क्या, त्यौहार बन जाएगी..!”मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०५-१२-२०१८. Оформить …

शायरी -पियुष राज

 हुस्न के पीछे भाग रही दुनियाबेनूर चेहरे पर अब फूल नही खिलतेदिल तो एक जैसा है सबका,फिर भीसच्चे मोहब्बत करने वालों कोदिल के किराएदार नहीँ मिलते… पियुष राज 02/01/2017