Tag: हिन्दी में भजन

तुम बस कान्हा को याद कर लेना – अनु महेश्वरी 

 जब कोई साथ न दे तेरा,लगे चारो ओर ही अँधेरा,गर तू सच्चे मन से पुकारेगा,कान्हा निश्चय तेरी सुध लेगा,तुम बस कान्हा को याद कर लेना,वो सबकी सुनता तेरी भी …

तू ही जग का पालन हार – अनु महेश्वरी

कान्हा कर सब पे उपकार,तू ही जग का पालन हार।इंसान तेरी ये माया,कभी समझ न पाया,हमे जो भी मिल रहा है,तेरे सहारे ही चल रहा है,फिर इंसान क्यो है …

माता के दरबार में – अनु महेश्वरी

माता के दरबार में,सब की झोली भरती है|गरीब हो या हो अमीर,छोटा हो, या हो बड़ा,भक्ति भाव से जो भी आए,खाली हाथ, यहाँ से न जाए|माता के दरबार में,सब …

विश्वास हमारा बना रहे – अनु महेश्वरी

ऐसी दया हम पे करो हे भगवन,तुझ पे, विश्वास हमारा, बना रहेकोई चमत्कार ऐसा करो, हे भगवन,तुझ पे, अटूट आस्था, कायम रहे|सुना है तुमने, कंस का वध किया था, …

सांवरे तेरे प्यार में……………….दीवानी हो गयी |भजन| “मनोज कुमार”

सांवरे तेरे प्यार में, गिरधर बातों के जाल में राधा तेरी रानी, दीवानी हो गयी, दीवानी हो गयी कानन कुंडल की ये, मोहिनी मूरत की ये मोहन तेरी रानी, …

मानव धर्म को निभा सकें हम – अनु महेश्वरी

हे प्रभु हमें इतना संतोष दे दो,ताकी पास जो है हमारे, उसमे,खुश रह सकें हम|हे प्रभु हम में इतनी दया भर दो,ताकी सामर्थ्य अनुसार औरो का,भला कर सकें हम|हे …

५८. भोले आ जाओ भोले आ जाओ.……|भजन| “मनोज कुमार”

भोले आ जाओ भोले आ जाओ…………………….४भोले कर दो बेड़ा पार खुशियों की करो बरसात ……………….२ हम बालक तेरे है शम्भूहमपे दया करो नटराज………………….२मन मंदिर में तुम आ जाओमेरी खाली …

ईश्वर को जाने – अनु महेश्वरी

हे ईश्वर हमें शक्ती दोमन में हमें भक्ति दोतुझे पहचान पाए हम।हे ईश्वर रोशनी दोदूर जगसे अँधेरा होतुझे महसुस कर पाए हम।हे ईश्वर हमें ज्ञान दोदूर हमसे अज्ञानता होतेरा …

ऐसी कृपा प्रभु तुम बरसाओ – अनु महेश्वरी

सबका भला हो,दिल में दया हो,ऐसी कृपा प्रभु तुम बरसाओ।सबको शांति मिले,दिल में सुकून हो,ऐसी कृपा प्रभु तुम बरसाओ।सबका सुविचार हो,दिल में प्यार हो,ऐसी कृपा प्रभु तुम बरसाओ।सबको शक्ती …

हे कमलनाथ, हे आनंदसागर

हे कमलनाथ, हे आनंदसागर हे नंदलाला , हे बनवारी करू आरती मन श्रध्दा से तेरी लीला सबसे न्यारी मिलती है शांति तेरी चरणों में आजा भगवन मेरी गलियों में …

जय चित्रगुप्त भगवान्

Chitrgupt bhajan-deepak srivastava ब्रह्मदेव काया से निकली, अमर ज्योति अविराम तुम्हारी| चित्रगुप्त जी तुम्हे पुकारें, मिलकर के संतान तुम्हारी|| हे प्रभु तुम तो करते रहते, पाप-पुण्य कर्मों का लेखा| …

मोरे कान्हा ले चलो मोहे पार

मोरे कान्हा ले चलो मोहे पार, मै हूँ कब से खड़ा रे तोरे द्वार ।। माया भ्रम की मोरी गगरिया, मारो कान्हा तान कंकरिया। अंग अंग मोरा भीगे ऐसे, …