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ज़रा खुलने तो दो — डी के निवातिया

ज़रा खुलने तो दो *** शेर सारे पढ़े जायेंगे तुम्हारे मतलब के ज़रा खुलने तो दोबाते तमाम होंगी वफ़ा संग बेवफाई की ज़रा घुलने तो दो !! हर रंग …