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प्रीत की रीत निराली है….सी. एम्. शर्मा (बब्बू)….

प्रीत की रीत निराली है….हर दिन दिल में दिवाली है…..प्रीत की रीत निराली है….रात अँधेरी सुनहरी लगती..तपती धूप मतवाली है…..प्रीत की रीत निराली है….इश्क़ समंदर पी पी बैठे…फिर भी …