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सुकून – डी के निवातिया

सुकून!मेरे दिल को भी सुकून मिलेगा एक दिन,मेरे दिल में भी गुलाब खिलेगा एक दिन,बस थोड़ी सी प्रेम की फुहार को बरसने दो,सोंधी-सोंधी मिटटी सा महकेगा एक दिन ! …

सुकून – डी के निवातिया

सुकून *** जब मन उदास होता है यादो के बादल घुमड़ आते है गरजते है, बरसते है, तड़पाते है, डराते है,तन्हा मन घबराने लगता है फिर,झूम-झूम कर, इठलाती, बलखाती …

सुकून………..

कही मिलता बाज़ार में, तो खरीद लेते हम भी पल दो पल के लिये ! ईमान धर्म सब कुछ बिकता है, एक कमबख्त सुकून नहीं मिलता किसी दूकान पर …