Tag: सार छंद

सार छंद “भारत गौरव”

सार छंद “भारत गौरव” जय भारत जय पावनि गंगे, जय गिरिराज हिमालय; सकल विश्व के नभ में गूँजे, तेरी पावन जय जय। तूने अपनी ज्ञान रश्मि से, जग का …

सार छंद (पलाश और नेता)

सार छंद (पलाश और नेता)छन्न पकैया छन्न पकैया, टेसू सा ये नेता।सूखी उलझी डालों सा दिल, किसका भी न चहेता।।पाँच साल तक आँसू देता, इसका पतझड़ चलता।जिस में सोता …