Tag: साँसों को डोर

जिदंगी अभी बाकी है

जिदंगी अभी बाकी है, किसांस को इंतजार है तेरी दुआ काआंख को इंतजार है तेरी नज़र काऔर रूह को इंतजार हमसफ़र का।छोड़ आया हुँ जो गजलअपने तकिये के नीचे …

साँसों को डोर —–डी. के. निवातिया

कुछ मीठी सी यादो संग,धुंधले से पलों में खुद को समेट रखा हैइनमे ही बंधी है साँसों को डोर,और इनके सिवा जिंदगी में क्या रखा है !!!!!डी. के. निवातिया …