Tag: सरसी/हरिपद छंद

सब हुए एक ही रंग..सी.एम्.शर्मा (बब्बू)..

II सरसी/हरिपद छंद IIनंदलाल की मुरली बाजी, चढ़ा प्रेम का रंग Iसुधबुध सबकी ऐसी बिसरी,भूल गये सब ढंग IIकोई नाचे कोई गाये, सब हुए एक ही रंग Iमोहपाश कृष्णा …