Tag: शहर की आबो-हवा

शहर की आबो-हवा – डी के निवातिया

शहर की आबो-हवारुक सा गया है वक़्त क्यूँ थम सा गया हैरवानी से बहता लहू, अब जम सा गया हैकुछ तो गड़बड़ है, शहर की आबो-हवा मेंयुवाओं में शिथिलतापन …