Tag: वीर रस कविता

हर एक दुष्ट जेहादी को उसकी अवकात दिखानी होगी

जंग लगी तलवारों पे अब धार चड़ाना होगा।आंख उठी श्री राम पे तो नरमुंड उड़ाना होगा।हर एक दुष्ट जेहादी को उसकी  अवकात दिखानी होगी। मां को धर्म की रक्षा …

वीरों नववर्ष मना लें हम

है तिमिर धरा पर मिट चुकीआज भास्वर दिख रहे दिनमान ,शस्य – श्यामला पुण्य धरा कर रही ;वीरों तेरा जयगान !शुभ मुहुर्त्त में,महादेव को,सिंधु का अम्बु चढा लें हम…वीरों …