Tag: वतन पर कविता

शानो सफर – अरूण कुमार झा बिट्टू

वो हर एक सीना फाड़ दूंअरे काल को भी काल दूंमजाल किसकी हैं इधरडाल बच जाए तुझ पे बुड़ी नजरऐ मेरे प्यारे वतन ,ऐ मेरे प्यारे वतनवो तो आता …