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लम्बे रदीफ़ की ग़ज़ल (ख़ता मेरी अगर जो हो)

विधाता छंद आधारित (1222*4) ग़ज़ल (ख़ता मेरी अगर जो हो) (लंबे से लंबे रदीफ़ की ग़ज़ल)काफ़िया=आ रदीफ़= मेरी अगर जो हो, तो हो इस देश की खा़तिर ख़ता मेरी …