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दीदार…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

II रुबाई  IIआब-ओ-हवा के बदलने से पहले…नकाब तेरे रुख पे आने से पहले…आबिद तेरे को दीदार होने दे ज़रा…तड़पे न रूह जान जाने से पहले….\/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)आब-ओ-हवा : वातावरण/माहौलआबिद …