Tag: मंज़िल

दूर रह कर हमेशा हुए फासले

दूर रह कर हमेशा हुए फासले ,चाहें रिश्तें कितने क़रीबी क्यों ना होंकर लिए बहुत काम लेन देन के ,विन मतलब कभी तो जाया करोपद पैसे की इच्छा बुरी …

मंज़िल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मंज़िलकई बार घबरा जाता है ये दिल देख कर ज़िन्दगी की मुश्किलें ……………………पर कभी मैं टूटा नहीं हौसला छोड़ा नहीं क्योंकि लगता है के मंज़िल बहुत करीब है …………………. …