Tag: भक्ति रचना

चहूँ ओर गुलाल बिखरे…सी.एम.शर्मा(बब्बू)

पावन धरती हो अपनी पावन हों सब के मनसब  ही  झूमें नाचें  गाएं भूलें तन  ओ मनप्रेमभरी पिचकारी हो मन महका गुलाब होचहूँ ओर गुलाल बिखरे सब रँगे एक …

भोले भण्डारी — डी के निवातिया

आ जायेंगे भोले भण्डारी हेनाथहमारेदर्शन देकाज सँवारेतुम ही खिवैयाजीवन की नैया केआकर पार उतारेतन मन सब अर्पणहम खुद को तुमपे हारे ।।येमाससावनअलबेलाशिव भक्तो कालगता है मेलाझूमता गाता चलेकांवड़ियों का …