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सुजान छंद (पर्यावरण)

पर्यावरण खराब हुआ, यह नहिं संयोग। मानव का खुद का ही है, निर्मित ये रोग।। अंधाधुंध विकास नहीं, आया है रास। शुद्ध हवा, जल का इससे, होय रहा ह्रास।। …

इच्छा ये तुम्हारी है

इच्छा ये तुम्हारी है देखो सब उजड़ते हुए फूल पत्ते पेड़ झड़ते हुए या नए पुष्प खिलते हुए उनपर भौंरे उड़ते हुए इच्छा ये तुम्हारी है ॥ १ ॥ …