Tag: निंद पर कविता

निंदिया आरे,,,(कविता)

निंदिया आरेआजा रे निंदिया आजादिल को चैन दिलाजाकुछ पल सोए, कुछ पल रोएफिर न याद दिलाजाआजा रे निंदिया आजा,,,,,फिरता है तू दर-बदरकभी तो रैहम खा मेरे ऊपरचाँदनी तू झूला …