Tag: जीवन दर्शन जिंदगी पर कविता

बुढ़ापे का साथ।

बाबा लाए झाबा भरके, हम जागेन भोरे तड़के देखीन जैसे बाबा आए, बाबइन धीरे से मुस्कियाए, लड़वाए भागे आगे पाछे दाढ़ी उनकी लड़कवाए खाचे, बाबइन भीतर से शरबत लइके …