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जिंदगी

नजाने क्यु दूसरो के बन्धन मे हैं ये जिंदगी,ख्वाहिशों के, गर्दिशो के, कैद मे हैं ये जिंदगी।प्यार होता जा रहा है मतलबी ऐ जिंदगी,कुछ ऐसी भी हैं लोगों की …

कभी ग़म तो कभी खुशी

हार रहा हूँ मैंकवि लगातार विपल होने पर उदास होकर कहता हैहार रहा हूँ मैंटूट रहा हूँ मैंपिघल रहा हूँ मैंजाने कितने दिलों सेनिकल रहा हूँ मैं।हर बार है …

क्यूँ दर्द की हर दास्तां रंगीन लगाती है…

वक़्त कैसा आ गया है, इस सफर में देखिये… जिंदगी हर मौत की शौकीन लगती है… तूने बनाई थी बड़ी हमदर्द ये दुनिया… संगदिल ये क्यूँ मुझे संगीन लगती …