Tag: एक चिराग़

टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ … Raquim Ali

अगर,घनघोर घटा छाई होआंधियां चल रही होंबारिश मूसलाधार हो;अगर,अमावस की रात होहर सिम्त में फैला हुआबेइंतहा अंधकार हो।अगर,मेरे हाथ में सिर्फ़टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ हो मेरे ख़ुद के सहारे …