Tag: उलझन

किस किताब के शब्द हो तुम।

किस किताब के शब्द हो तुम जो इतने दिनों से समझी नहीं जितना खोऊं उतना उलझुं ठिकाने की कोई कमती नहीं आंखों से देखा बेहद सरल समझने बैठी थी …