Tag: इंसान पर के कविता

काहे का इंसान

काहे का इंसानजिसमे सेवा का भाव नहींमानवता का एहसास नहींजो खुद से ही अनजान हैंवह काहे का इंसान हैं!जिसमे ना देश की सोच हैंजो देश की ऊपर बोझ हैंयहाँ …