Tag: आत्मसात

* संस्कृति और सभ्यता *

* संस्कृति-सभ्यता *संस्कृति मिट रही सभ्यता बढ़ रहामानवता छोड़ मशीनियत गढ़ रहा,भाईं भाईचारा का हुआ बट्टाधार चेहरे पर मुस्कान दिल में तलवार,घर-मकान के स्थान पर भवन बन रहाअब इनसान …

* शब्द का शब्दार्थ *

* शब्द का शब्दार्थ *शब्द का शब्दार्थ भिन्न हैया मानसिकता का है बिसात आइए आपको सुनाता हूँजीवन का एक बात,मित्र का मेहमान ने पूछाक्या करते हैंहमने कहा नौकरीउन्होंने पूछा …

* पैसा *

* पैसा *पैसा से प्यार इजहार इकरार आज बना यह मुख्य व्यापार,पैसा से इज्जत पैसा से पहुंचकलजुग में यह अस्त्र अचूक,पैसा हर रास्ते का साधनआज का यह एक प्रमुख …

* अंधियारा *

*अंधियारा*हमें अंधियारा पसंद हैजहाँ शान्ति का संगम है,बहुत लोग हैं इसे बुरा मानते बुराई का प्रतिक हैं इसे जानते ,सारे प्रकाश का यह केंद्र है सूर्य निर्माण में यह …

यह अपना लोकतंत्र है मेरी जान

*यह अपना लोकतंत्र है मेरी जान*यह अपना लोकतंत्र है मेरी जान यहाँ घोड़ा गदहा एक समानभाड़ ढोए या रेस में दौड़ेंकिसी का भी नहीं रहेगी अलग पहचान,यह अपना लोकतंत्र …

* माँ मुझे बच्चा रहना है *

माँ मुझे बच्चा रहना हैबड़ी-बड़ी बातें हमें नहीं करना सहिष्णुता-असहिष्णुता का पाठ हमें नहीं पढ़ना इमाईनुल , मोहन, रहीम संग खेलना है माँ मुझे बच्चा रहना है ।बड़ा हो …

* उनकी चाहत *

उनसे बात हुई बहुत बार मुलाकात हुई एक दूजे को जाना पहचाना विचारों की आत्मसात हुई , वो बोली मैं कमसिन कली हूँ आप हो उम्र दराज माहाबली आप …

* माँ मुझे बच्चा रहना है *

माँ मुझे बच्चा रहना है बड़ी-बड़ी बातें हमें नहीं करना सहिष्णुता-असहिष्णुता का पाठ हमें नहीं पढ़ना इमाईनुल , मोहन, रहीम संग खेलना है माँ मुझे बच्चा रहना है । …

* रेला -रैली *

रेला है भाई रैली है सभी जगह धकमपेली है, पार्टी नेता करते अहवान गाते अपना गुण करते जयगान , लोग भी गजब मूर्ख बनाते कुछ देहारी में कुछ बेरोजगारी …