Tag: अवधी कविता

कौने खेतवा मां अनजवा उगहिहो

जब तुम अयिहो तब का खाइहो कौने खेतवा मां अनजवा उगहिहो सब तो बनाए डारेऊ पक्की जमीनिया नाय राखेओ कौनो कच्ची मिनिया अभहीन के तुम फायदा देखेओ जमींवा से …