Author: योगेश कुमार 'पवित्रम'

‘… वीरों को’

सुनों हिंद देश के वासी, नमन करो शहीदों कोजिन्होंनें देश आज़ाद कराया, याद करो उन वीरों कोअंग्रेजों को मार भगायाजग में जिनका शौर्य छायारण भूमि में खून बहा यातब …

चाहता हूँ

उड़ना चाहता हूँगगन तलेआजाद पंक्षी की तरहबिखेरना चाहता हूँअपनी आभाउदित सूर्य की तरहचमकना चाहता हूँजग मेंसितारों की तरहबसना चाहता हूँह्रदय मेंयादों की तरहछा जाना चाहता हूँजुबां परकिसी तराने की …

‘हमसफर’ (गजलनुमा कविता)

खुदा करे तुझको भी मुझसे प्यार हो जायेनिगाहों से निगाहों में इकरार हो जायेआँखें बन्द करूँ मैं जब भी अपनीतेरे चाँद से मुखड़े का दीदार हो जायेनहीं रह सकता …

वो दिन

आज याद आये वो दिनजब हम भी किसी पे मरते थेअक्सर तनहाई में उसका हीहम नाम लिया करते थेक्रोध भरी नजरों से वोहमको देखा करती थीहम तो चाहते थे …

आशिकी क्या चीज है

हे आशिको सुनोआशिकी क्या चीज हैपूँछता है ये अनजानचीज ये कैसी अजीज हैजन्नत है जमीं परया जिंदगी गमगीन हैधूप है के छॉव हैया बारिशों की बूंद हैजिंदगी है किसी …

होली: प्रेम सूत्र

होली रंगो का त्योहार ही नहीं एक डोर है प्रेम की डोर जो बांधे रखती है सभी को लोग देते हैंआहुतिहोलिका दहन मेंकटु भावों कीटूट जाती हैंदीवारेंरंगो की चमक …

प्रधानी

गाँव में चुनावी माहौल है|दबंगो के हाथों में पिस्तौल है|| घूमते फिरते हैं बनके नबाव|वोटरों पर बनाते हैं अपना दबाव|| उम्मीदवारों को प्रधानी का बुखार है|लगता है जैसे गाँव …