Author: PATHAK JEE

अगर मै प्रधानमंत्री होता

अगर मै प्रधानमंत्री होता! भारत का प्रधानमंत्री, ये कथन ही गौरव से परिपूर्ण और अत्यंत मनमोहक है। एक ऐसे सपने का सच हो जाना जिसका विश्लेषण कर पाना भी …

ज़िन्दगी के काले पन्ने

काली अंधेरी रात, आसमान में कड़कड़ाती हुई बिजली के साथ मूसलाधार बारिश और पेड़ को जड़ से उखाड़ देने वाली आंधी चल रही थी। वरुण घर के बरामदे में …

कुछ समझ जाते हैं कुछ समझ नहीं पाते

तेरी नाराजगी,मेरे अल्फ़ाज़ भी नहीं मिटा पातेहम चाहते हैं कितना तुझको यह मेरे आंसू भी नहीं बता पातेघड़ी घड़ी रह रह कर देखता हूं मैं उन्हीं बीरान सड़कों कोजिन …

कितने प्यारे फूल खिले हैं

कितने प्यारे फूल खिले हैंमेरे घर के आंगन मेंकल कोई अजनबी तोड़ चलेगाबांध रस्मो के बंधन मेंवह कली जो अब महकने लगी हैखुशियों से चहकने लगी हैछोड़ कर मुझको …

एक सख्स

एक सख्स है जो नाराज भी नहीं हैमगर पहले जैसा भी नहीं हैगुमसुम सा हैकुछ कहता भी नहीं हैमैं पूछूं भी तो क्या पूछूं उससेमुझे पूछने का कुछ हक …

दिल तुम धड़कते क्यों नहीं

दिल तुम धड़कते क्यों नहींइतना हसीन मौसम है तुम बहकते क्यों नहींजो फूल मुरझा कर झुक गए हैं नीचे की तरफ ये महकते क्यों नहीबड़े उतरे उतरे से लगते …

गुजारिश है तुमसे..

गुजारिश है तुमसे…कि तुम कभी लौट कर मत आनाबस जहाँ हो वहां से यु ही मुस्कुरानाअब जो सीख लिया है जीना तुम्हारे बिनलौट कर वापस अब ना सतानातुम उस …

हिंदू है या मुसलमान था

क्या कभी मस्जिद से निकलते काजी ने पूछा है ,कि जिस पर उसने फूंकावह हिंदू है या मुसलमान थाक्या कभी मंदिर के पुजारी ने प्रसाद देते हुए पूछा हैकि …

हद होती है

हद होती है…यू लड़ने कीहर बात पर बिगड़ने कीछोटी-छोटी बातों पर नाराज होकरफिर मुझ पर ही अकड़ने कीबड़ी बखूबी से तुम ज़ज्बात अपने छुपा लेते होदर्द दिल में समा …

झूम उठा हर गांव

कोयल की कूँ कूँकोये की कांवबरस रहे बदराझूम उठे है गांवखेतो में मोरपानी में मेंड़कअंधेरा छाया आसमा मेंपर हर कली है जगमगघूम घूम बदरा घनघोरमोर नाच रहे चारो ओरइन्द्रधनुष …

श्मशान और कब्रिस्तान जीता है

जिन्हें रोटी दो वक्त की ना मिली होवो 2 गज जमीन को लड़ते हैंघर की छत का पता नहींवो औरत के लिबास को लड़ते हैंकोई हिंदू तो कोई मुस्लिम …