Author: Vijay Anand

प्रेम

उमंगों भरा दिल किसी का न टूटे।पलट जायँ पासे मगर जुग न फूटे।कभी संग निज संगियों का न छूटे।हमारा चलन घर हमारा न लूटे।सगों से सगे कर न लेवें …