Author: Ushubastavi

चिराग

उम्मीदों को खुद में समेटे रहते हर चिरागसदियों से इसके बल आगे बढ़े लोग बागपास फटकेगा ना अंधेरा ये कह रहे चिरागलौ इसकी देख रोशन गदगद हैं लोग बागतम …

मनोबल

दुनिया का सबसे बड़ा अस्त्र है मानव का मनोबलइसके बल ही जीतता रहा वो जग के रण सकलयुगों युगों से रचता रहा मनुज नए नए आयामदेव दानव भी परखते …

अब भी मौका

अब भी मौका कर्म सुधारो प्रकृति नियम बिसराने वालोंखुद को खुदा मानकर के निज दौलत पर इतराने वालोंजीव जगत सबकी ही खातिर पुरखों ने कुछ नियम बनाएउन नियमों का …

चांद

चांद अकेला आज फिजा में हुआ बहुत हैरान.पड़ा सोच में आखिर क्यों चुप धरती के इंसान. तभी पवन ने सरसर करते राज उसे समझाया.मनमानी कर इंसानों ने जुल्म प्रकृति …

बात बात में

बात बात में मजहब की वो ढाल उठाते रहते हैं.जब देखो वो नियम कानूनों की बाट लगाते रहते हैं.भेजा उनका सड़ा दिया राजनीति की चालों ने. इसीलिए वे आगे …

सुख दुख

सुख दुख दोनों चक्रवत फिर क्यों होते उदासछिन छिन सब दिन जाएंगे नहीं रुकेंगे पाससमय के ऊपर नहीं चला कभी किसी का जोरचाहे कोई धनवान हो या कोई कमजोरगुनिया …

काग

अरसे बाद मुंडेर पर हमें आज दिखे कई काग मन को झंकृत कर रहा है कांव कांव का रागउनके राग में गूंजते हमने सुने समझे कई प्रश्नगलियां सड़क खामोश …

धैर्य

विपत्ति काल में धैर्य ही है सबसे बड़ा हथियारजो इसको सदा धारण करे हो उसका बेड़ा पारजिस किसी व्यक्ति में धैर्य का मिलता है अभावउसके मन पर दिखता है …

घुनाक्षर न्याय

आज घुनाक्षर न्याय से बहुत व्यथित हैं लोगपर पीड़़ा को नहीं समझते कुर्सी पर बैठे लोगपुरखों ने जनहित खातिर लोकतंत्र अपनायाकहां पता था उन्हें के वारिस दिखलाएंगे मायाकुर्सी ऊंची …

सन्नाटा

सन्नाटा पसरा हुआ बस्ती बस्ती में चहुंओरचर्चा का अब केंद्र बस कोरोना नहीं औरचिंता सबको है यही के और न हो प्रसारजन जन सभी सहेज रहे अपना घर परिवारसड़कों …