Author: Shivam Kumar Sharma

छोटी सी ज़िन्दगी और बड़ा झोल है साहेब !

छोटी सी ज़िन्दगी और बड़ा झोल है साहेब !हाँ भी है,ना भी है, ये जनता ढोल है साहेब !खरीदो सब मिलेगा इस नए बाज़ार में तुमकोनये इस दौर में …

जिस अंदाज से तुम नजरअंदाज करते हों .

जिस अंदाज से तुम नजरअंदाज करते होंहमारे रिश्ते को और भी राज़ करते होंतुम्हे समझे या खुद को ढूंढे, क्या करेहम आंसू छुपाते है और तुम साज़ करते हों.ना …