Author: Suvedi Hom

बेटियों का कहना

जो पिलाओ मै चुपचाप पिती जहाँ चाहो मै वही‌ चूपचाप जीति अपनी भाग्यको मै क्युँ सहलाती हो सके तो तुम्हारी पगमे फूल बिछाती । विना सुवेदीका यह कथन मुझे …

माेदी

तुम कहते रहाे कहना तेरा धर्म है मै चलता रहूँ चलना मेरा धर्म है तुम उडते रहाे पङ्ख विना उड्ना भी तेर धर्म है मै चलता रहूँ खाली पैर …

श्लाेक

कुपाेदकम् तरुच्छाया कृष्णास्त्री यस्टिका गृहम् शीतकाले भवेदुष्णम् उष्णकाले च शीतलम् ।। कुप का पानी वृक्षका छाया कृष्ण वर्णवली नारी अाैर इटा से बनाया हुवा घर ये सब गर्मी के …

मुझे महसुस हुवा

जब देखा एक भिखारीकाे जिन्दगी क्या है यह महसुस हुवा जब देखा गाना गाते सुरदासकाे जिन्दगी क्या है यह महसुस हुवा जब देखा किलकिलाती बच्चीकाे जिन्दगी क्या है यह …