Author: shivkumar81900

कांटे चुभती है लहू के बौछार होते है

कभी कभी जब हम उदास होते है आँखों रोती है दिलों में कुछ बात होते है एक हसीं दुनिया है ये या जालिमों का आशियाना कोई डूब जाता है …

दर्द से भरी है ये दुनिया अब

आँखों में एक अरमान लिए फिरते है  होंठों पे प्यारी सी मुस्कान लिए फिरते है  दर्द से भरी है ये दुनिया अब  तभी दर्द से ढकी हुई एक नई …

दर्द से भरी ज़िन्दगी को उनके पहचान दो तुम

दर्द से भरी ज़िन्दगी को उनके पहचान दो तुम अपनी सुख को कम करके उनका हाथ थाम दो तुम रब की ख्वाहिसे है बस की उनका नूर बरसे सब …

कोई मतवाला मस्त हुआ बिन पंख हवा में उड़ने से

कोई मतवाला मस्त हुआ बिन पंख हवा में उड़ने से उड़ उड़ के वो नभ को नापा फिर किया प्रफुल्लित मुड़ने से लोगों की भाव लटक गई अब आसमान …