Author: शशिकांत शांडिले

आरज़ू ….

जिंदगी में दर्द जैसे आजकल घटने लगे हैं,दर्द को पर्दा किये हम ख़ुदबख़ुद हसने लगे हैं! ख़्वाब आँखे देखलें वो नींद अब लाऊँ कहाँ से,और हम यूँ पागलों से …

राजनीति ………………

चौकीदार चोर है या पप्पू बड़ा सयाना हैराजनीति में सबका अपना एक बहाना हैकोई किसीका सगा नही है मिल बाँट कर खाते हैबांटो कांटो राज करो यही एक फ़साना …

आया है फिर चुनाव भैया ……….

आया है फिर चुनाव भैयाभोग चढ़ाया जाएगाराजनीति का दांव खेलकरवोट बढ़ाया जाएगाखातिर कुर्सी के जनता कोफिर से पटाया जाएगाआरक्षण और जाति धर्म मेंफिर भड़काया जाएगाजरूरतों से भटकी जनतापैसा खिलाया …

मौत आ जाए मगर ………..

गुफ़्तगू हो शायरी में शायरी में गम न होहो इनायत बस खुदा की आँख कोई नम न हो हो मुहब्बत इस फ़िजा में आसमां हो ख़ुशनुमादे सुनाई मुस्कुराहट दर्द …

लेकिन सीमा होती है ……..

माना कि संस्कार तुम्हाराविवेक कभी न खोना हैकोई कितना कड़वा बोलेकाम मगर सह जाना है लेकिन भैया कब तक ऐसेआँख मूंदकर बैठोगेअधिकार अपने हिस्से कागैरों को फोकट बाँटोगे बंदर …

इंसानियत ……..

धर्म और जाति में अब तक बटे हैं लोगपाखंड की तलवार से कितने कटे हैं लोग इंसानियत की बातें तो हर चौराहे होती हैदिल ही दिल में अपनाही धर्म …

सच्ची मुहब्बत ……….

मुहब्बत शिद्दत की निगाह हैदर्द में भी चाहत बेपनाह हैखुदा की इबादत जैसे मुहब्बतदुनियां के लिये ये गुनाह हैमुश्किलें है हजारों माना मगरमुहब्बत में ना इंतकाम हैलिखी किस्मतों में …

अजी सुनिये जनाब ………

बहुत ठगा है भैया तूनेअपने बोल बचन सेधीरे से क्यों पल्ला झाड़ेअपने ही वचन सेबेवकूफ़ क्या तूने जानीजनता भारत देश कीधीरे धीरे देखेगा तू भीहद जनता के आवेश कीबोल …

कृष्ण मोहे माफ़ कर ………

कृष्ण मोहे माफ़ करमैं ना करू पूजामोहे नाही जान तोरीना ही कोई दूजातू ठहेरो चक्रधारीमानव मै छोटातोसे मेरो मेल नहीभक्त नही खोटामूरत तो बहुत देखीदेखा न सामनेदर्शन तुम देत …

तेरी मेरी कहानी …….

ये जो तेरी मेरी कहानी हैलगने लगी पुरानी हैजाने कहां गुम हैं वो रातेंसिर्फ तेरी निशानी हैक्यों दूरियां आ भी जाओरात कैसी नूरानी हैजो बात बीती रही हैं कहांतू …

न होना कभी जुदा ………

चाहत मेरीबेगानी मुहब्बतमेरी आशिकीतुम्हारी इबादतन होना कभी जुदान चाहो मुझेये तुम्हारी है मर्जीमेरी दिल्लगीहै मेरी खुदगर्जीन होना कभी जुदामंजिल नहीहोने पाएं जुदाईहो जाएं भलेजिंदगी की बिदाईन होना कभी जुदातुम्हे …

न मैंने ख्वाब देखा हैं न मैंने दिल लगाया है (ग़ज़ल काव्य)

न मैने ख्वाब देखा हैं न मैने दिल लगाया हैहक़ीक़त जान कर मैंने मुहब्बत को भगाया हैबड़ी बेकार है इसकी पकड़ तुम हात ना आनाबड़ी बेख़ौफ़ है इसने निगाहों …

बड़ी मुश्किलों से बखत है गुजारा ◆◆◆◆◆

निगाहें तुम्हारी करे है इशाराहमें लग रहा है मगर नागवाराबड़े घाव हमनें भरे है अभी तकनहीं चाहिये अब किसीका सहाराभले लग रहा हो हसीं चाँद तुमकोमगर प्यार का वो …

आज कल हालात है नासाज दिल के ~~~~~

ढूंढता रहता हूं मैं अल्फाज़ दिल केजाने क्यों गुम हो गए अंदाज दिल केरूबरू जो हो गए हो आज मुझसेहाल-दिल कर लो बयां नाराज़ दिल केमैं तो चाहूँ जिंदगी …

मुहब्बत का हमने जाम ले लिया ! (गजल काव्य)

मुहब्बत का हमने जाम ले लिया ,जुदाई इबादत का दाम ले लिया !! वो खुश है अकेले हो हमसे जुदा ,तो हमने भी आखरी सलाम ले लिया !! फरेबी …

==* दिल समझाये कभी कभी *==

रुक्सत करी जो सूरत याद आयें कभी कभीसपनों में आकर मुझको तड़पायें कभी कभीमुस्कान आज भी दिलमे है उनकी बसी हुईउनकी प्यारी बाते आँख भर लायें कभी कभीवो भूली …

==* है जिंदा कहानी वो *==

उस चुंबन में मेरेथी शिद्दत मुहब्बत कीमगर तूने मानीवो आदत मुहब्बत कीहमेशा ही मनमेथी चाहत मुहब्बत कीमगर तू न जानीइबादत मुहब्बत कीवो तस्वीर झूटीहकीकत मुहब्बत कीलबों से लबों तकशराफत …

मुहब्बत

तू मुहब्बत की कोई तस्वीर होतीबड़े प्यार से मै गले से लगाताअगर तू मूरत हकीकत की होतीमेरे घर में तेरा मंदिर बनाता—————–//**–शशिकांत शांडिले, नागपुरभ्र.९९७५९९५४५०  Оформить и получить экспресс займ …

==* मेरी आरजू *==

स्वच्छंद फिजाओं में खिलखिलाती हंसी होमानलो जिंदगी चाँद तारों में जा बसी हो दरबदर भटकती कहानियाँ अब कहा रहीहो नया सवेरा, नई उड़ान न कोई बेबसी हो एक पहल …

★★दिल किसीका कभीभी दुखाया न जायें★★

दिल किसीका कभीभी दुखाया न जायें जख्म दिलका किसीको दिखाया न जायें हो मोहोब्बत छुपीसी किनारो पे दिल के पार दिलके कभीभी बहाया न जायें   दिल किसीका कभीभी …

==* नजफ़ हैदर की पढ़ाई *==

नजफ़ हैदर जेएनयू में इतिहास के प्रोफ़ेसर है उनके बोल पर मेरे बोल………….नजफ़ हैदर बोल रहे हैपद्मावती एक कहानी हैपद्मावत साहित्य से आईऐतिहासिक परछाई हैपागल ठैरे शायद हिंदूजो इतना …

◆Mind न करो भाई◆

लो अब आजम बतायेंगेक्या थे काम राजपूतों केपूछे जरा बापसे अपनेकारनामे राजपूतों केसंभल कर बात कर पगलेकहीं न हो म्यान खालीअभी सोये नही हैं वोदबे हथियार राजपूतों केमानो तो …

कलम अकेली …….

चलों बात करते हैयूँ तो बहोत है बताने कोवक्त शायद कम हैफुरसत कहा सुनाने कोउंगली चल रही हैबटन दब रही कहने कोअल्फाज तैर रहे हैवक्त नही समझने कोकोई तो …

क़त्लेआम ~~~~

(संदर्भ – गोरखपुर के अस्पताल की घटना)दद्दा मेरा लाल मर गयाये कैसा बाजार भर गयातेरे दर पर आई थी मैंसुनी मेरी कोख़ कर गयातुझपे भरोसा करती थी मैंमेरा तो …