Author: shadab

उम्मीद के चरागों का उजाला नहीं जाता….

चलो माना के हमसे सम्भाला नहीं जाता , पर बोझ अपना दुसरे पे डाला नहीं जाता , रहेगी सांस तब तलक रहेगा इंतज़ार तेरा , उम्मीद के चरागों का …

कभी खुद को आज़माके देखेंगे….

इशारों से तुझको बुलाके देखेंगे , कभी खुद को आज़माके देखेंगे , पहुँचती है ये चिंगारी कहाँ तक , कभी दिल अपना जलाके देखेंगे , बिगाड़ेगा कैसे मौज -ए- …