Author: Saviakna

कह दू…..””””””””””””’,,”””””””सविता वर्मा

तेरे एहसास की दौलत लेकर धनी हूँ मैंइन्हीं सतरंगी तेरे यादों से ही सनी हूँ मैंकहते हो, बडी़ खूबसूरत है तेरी आहटबिना तेरे एहसास, खुद को भी खली हूँ …

गृहिणी………..””””””””””””””””””सविता वर्मा

रूप में रागिनी, मै हूँ गृहस्वामिनीजो उठा लू कलम तो मैं गजगामिनीसार्थकता वही,अभिव्यक्ति भी वहीजो तुम में प्रकृति,हममे शक्ति भी वहीफिर किसलिए नही हमारी पहचान है।।ऐ बता दे आसमां, …

केसर”” “” “” “” “सविता वर्मा

मुझे केसर की तरह महकने दो मुझे अक्षत की तरह छिटकने दोन करना कोशिश कैद करने की हवा हूंमुझे खुश्बू की तरह बिखरने दो।।।। Оформить и получить экспресс займ …

रोडलैंप””””””””सविता वर्मा

उस रोड लैंप की रोशनी मेंधुंधलके सा तुम्हारी परछाई का दिखनाऔर मेरे हृदय का स्पन्दनआन्तरिक अह्लादित ह्रदय खुश्बू जैसे चंदनमन्त्र मुग्ध करता तुम्हारा सम्मोहनऔर फिर मेरा तुम्हारी ओर बढनातुम्हारा …

क्या सितम था”””””””””सविता वर्मा

एक कोशिश आप सब की नजर का इन्तजारमैं चला था तुम्हारी इक झलक पाने की खातिरतुमने हंसकर बात कर लिया, क्या कम थामैं बातों को सुन रहा तुम्हारी होश …

हो तो अजनबी “” “””””””सविता वर्मा

हो तो अजनबी तुमक्षण – क्षण मुझे अपनेआप को भुलाने परविवश कर रहे हो।।।हो तो मेरे लिए प्रेम तुमसत्य – असत्य के साथतड़प की नाव परसवार कर रहे इस।।हो …

पग पग “” “”””सविता वर्मा

पग पग बाधें स्नेह का बन्धनराह चलु अंगड़ाई लेतुम्हें छोड़ कैसे मैं जाऊबागो की अमराई में।।।। Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в …

रुसवाई में तुम “” “””””””सविता वर्मा

जगती आँखों के कोरो मेंसोती आँखों की अलसाई में तुमहममें हम नहीं से पर हमारी परछाई में तुमहोठों से नाम लेते, जो होगी हमारी, रुसवाई में तुमसम्भालना चाहा दिल …

आँखों को सताती तुम्हारी आखें “” “”सविता वर्मा

क्या कहती हैं मुझसे तुम्हारी आखेंक्या ढुढ़ती है मुझमें तुम्हारी आखेंकुछ इशारा तो दोजिससे ये उलझन सुलझेकभी लगता है प्रश्न करती है तुम्हारी आखेंकभी लगता है कुछ सुनाती है …

हर लब्ज ताजा””””””””सविता वर्मा

शाम का वक्तसुरमई मौसमसितम्बर का सितमतुम याद आये।रहते हैं शहर मेंमन है गवईठेठ अल्हड़ मन मेंअसंख्य संवेदनाएं।।हर लब्ज ताजाउबलते केतली के पानी साईजाद तर्क कीकविता में ज्यादा।।मन की गठरी …

शुरूर “” “”””””””””सविता वर्मा

चाँद को अपनी चाँदनी का जितना है शुरूरजादू करू ऐसा आप हमें भी चाहें उतना ही हुजूरउलझन…… वाली पहेली बना लुगी आप कोसुलझाते रहोगे अपनी उलझन मेरी गेसूओं में …

देखा है खुद को”” “”” “”””””सविता वर्मा

तेरे सार्थक शब्दो की बूनावट में आकाश में दिखती उपमाओ में आती जाती हवाओ में अक्षरो के रेशे रेशे में फूर्सत के हर छड़ो में उभरती हुई हर अक्स …

तेरी स्मृतियाँ”” “”””” “सविता वर्मा

ये चाँद,ये तारे,ये रतिया तुम्हारे बिन न बांहो का तकिया के तुमको ही ढूढती है बहिया। ये मेहदी,ये पायल,ये बिदियां तुम बिन नही कोई बतियां के तुमको ही ढूढती …

कुछ दिल की”””” “”””” सविता वर्मा

पेड़ के नीचे बैठे तुम निहारा करो ये इन्तजार जियादा था, ना कोई वादा ना कोई कसम फिर भी एतबार जियादा था रूक जाती थी कलम तुम्हे खत लिखने …

आयाम रचना है “” “”””” “” सविता वर्मा

क्षितिज का वह छोर जहां जाकर अंधेरा भी अनन्त रोशनी से लबालब हो जाये, ऐसा प्रकाश से भरा गधाशं रचना है। आजमाइश न हो खिलखिलाहटो की जब मेरी पंक्तियाँ …

यही है 15अगस्त””” “” ” “” सविता वर्मा

15 अगस्त आ तो रहा है धड़कन गुनगुना तो रहा है आकाश में तिरंगा लहरा तो रहा है व्यवसाय बन गया तिरंगा कचरे वाला फटा तिरंगा उठा तो रहा …

प्यार ही प्यार “” ” “” “””””””” सविता वर्मा

तुमसे मिलने वाली खुशी और प्यार को सम्भालना चाहतीं हूँ तुमसे हरदम मिलना और तुमको जानना चाहती हुँ कर दो दूर अपने शरम और अपने भरम को तुमसे प्यार …

स्वत्व की तलाश “” “” “””सविता वर्मा

संवेदनाओं की कसौटी पर कसती है जिन्दगी इस कसौटी पर कहाँ खरी उतरती है जिन्दगी। जिन्दगी के लय को सम्भाल कर चलने की कोशिश में सहज सरस कहाँ रह …

रंगीली सी “” “””” “” “” “” सविता वर्मा

ये कैसी सुबह है, जो खुबसूरत है पर लगती थोड़ी अधूरी सी मिल जाओ राहों में हो जाये थोड़ी पूरी सी सुरज की पौ फट जायेगी, चिड़िया चहचहा उठेगे …