Author: sanjeev jha

मेहरवाँ सितारों से सजी तेरी दामन

मेहरवाँ सितारों से सजी तेरी दामन, दामन से झलकता तेरी नूर, कमबख्त दिल को कैसे समझाऊ, ये तो आदत से है मजबूर, की तेरे गेसुओं से खेलूँ, तेरे काजल …