Author: Santosh Chauhan

प्रेरक गीत

जिंदगी अब सदा अपनी बाहों में है, मंजिलें आजकल अपनी राहों में है। जोश है, सोंच है, ख्वाहिशें हैं नई, जीत की रोशनी हर दिशाओं में है। देश अपना …

भूल नहीं सकता

क्या कम है क्या ज्यादा भूल नहीं सकता, मैं अपनी मर्यादा भूल नहीं सकता। जितना बनता है उतना कर देता हूं, रहा अधूरा वादा भूल नहीं सकता। छोटी मोटी …

आदमी हूँ।

मत समझना कि दीवाना आदमी हूँ, आजकल का मैं पुराना आदमी हूँ। देखता हूँ आँख में तहजीब सबकी, मुंह लगाने में सयाना आदमी हूँ। दुखों के ज्वालामुखी से निकल …

किस्मत

तमीज तो देखो इन तमीजदारों की, कीमत आंक रहे हैं जो उपहारों की। शत्रु मित्र का भेश बदलकर आते हैं, कमी नहीं है दुनिया में अय्यारों की। ऐसा नहीं …

अर्थ बदल जाता है

थोड़ा सा सम्मान जुड़े तो अर्थ बदल जाता है, शब्दों में मुस्कान जुड़े तो अर्थ बदल जाता है, नाकाबिल, काबिल के पीछे हो तो गर्ज दिखेगा, निर्बुध से विद्वान् …

काफी है…

अक्लमंद के लिए इशारा काफी है, मंद अक्ल को खून तुम्हारा काफी है। अपनों के दुत्कारों ने तो मार दिया, मुर्दा जले किसी के द्वारा काफी है। वश में …

नई पीढ़ी

अपनी प्रतिभा का सम्मान बहुत ज्यादा है, स्वाभिमान कम है अभिमान बहुत ज्यादा है। किशोर देते  पागल की संज्ञा वरिष्ठ को, अनुभव पता नहीं है ज्ञान बहुत ज्यादा है। …