Author: Sabita Langkam

बरसात

अच्छा नहीं लगता मुझको बारिश में यूं तन्हा घर लौटना तुम छत्री लेकर मेरा इंतज़ार क्यूँ नहीं करते बातों की कतार बुनेंगे दादुर की पुकार सुनेंगे फिर बिजली के …