Author: रोशनी यादव

ब्रह्मराक्षस और देश की असलियत(सम्पूर्ण)

ब्रह्मक्षस को आज ,मैंने देखा खडगपूर के सड़क पर! यह नहीं जिसे मुक्तिबोध ने अँधेरे तालाब में बन्द किया था। परंतु,यह भी उन्हीं परिस्थितियों से पैदा हुआ। जिससे न …

ब्रह्मराक्षस और देश की असलियत (भाग१)

ब्रह्मराक्षस को आज,मैंने देखा खड़गपुर की सड़क पर! यह वह नहीं जिसे मुक्तिबोध ने अँधेरे तालाब में बन्द किया था। परंतु, यह भी उन्ही परिस्थितियों से पैदा हुआ। जिससे …

एक सवाल

अगर मैं सुन्दर हूँ| मुझे प्यार मिला, स्नेह मिला, मिल रही है प्रशंशा। कार्यरत मैं,बेरोजगार नहीं! मेहनत के बलबूते जी रही| स्नेह, प्यार ,दुलार ,लाड से, प्रफुलित हो मैं …

हे महाप्राण

निराला तेरी गलियों में आज मैं भी घूमी हूँ, देख तेरी प्रकृति को ,मुग्ध हुई और तुझमे हूँ। नदी नहरे और वृक्ष ,कहते तेरी कहानी है, महिषादल की गलियो …