Author: Rituraj Srivastava

तुम आ गये—–ऋतुराज

खुले मन से मैंने जो तुमसे कहा, शुक्रिया है तुम्हारा जो तुमने सुनाहवा भी बसंती जवां हो गयी, मेरी जिंदगी की सुबह हो गयी,जीवन के पतझड़ का अन्त हो …

हमारा भारत——ऋतुराज

तुंग शिखर पर दिव्य-आलोकित, भारत -भाल चमकता हैजलधि जिसके चरण पखारे,वह विश्व-गुरू प्रणेता हैजहां आंखों में ममता बसती है बांहो में कुटुंब समाता हैसंगीत जहां है रोम-रोम में भगवान …

वटवृक्ष………!—-ऋतुराज

आज याद आती है-पिताजी की वो बातेंथकान और तनावग्रस्त आकरलंबी सांसे ले बिस्तर पर ऐसे बैठनाजैसे-किसी परिंदे को मिला हो अपना बिछड़ा परिवारसुकून भरी शाम की चायऔरमाँ की ममतामयी …

आज मैंने देखा है- ऋतुराज

आज मैंने देखा है-एक कली मुरझाई सीकैद स्वर्ण पिंजरे मेंथोड़ी क्षुब्ध थोड़ी शरमाई सी।आज मैंने देखा है-अंजन भरे लोचन सेस्वप्नाश्रु झरते हैंअधरों पर मुस्कान लाती हैवह बुलबुल घबराई सी।आज …

काश……….!—–ऋतुराज

मन का तिमिर दूर होहृदय में उजियारा रहे ।मैं तेरा प्यारा रहूॅ तू मुझे प्यारा रहे ।चलो हर पथ को रौशन करें यूंक्या हिन्दु क्या मुसलमां रहे ।#ऋतुराज Оформить …

शुभकामना—ऋतुराज

यशोधरा-वसुन्धरा पर आया नूतन वर्ष,आओ अभिनंदन करें।प्रेम-शांति के सुवास से महके जीवन-मनऐसा वंदन करें—ऋतुराज Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. …

प्रतीक्षा—–ऋतुराज

प्रतीक्षा है मेरे मन मे तेरे कदमों की आहट कीबसा रखी है आॅखों में यादें मुस्कुराहट की प्रतीक्षा है मेरे मन मे तू वापस आयेगा लल्लामेरे आंसू सुनाते हैं …