Author: rashmidelhi

हार ने मुझसे यूं पूछा l

हार ने मुझसे यूं पूछा कि जीतोगे अब तुम कैसे हमनें भी मुसकरा कर कह दिया मानूंगा नहीं आसमां फेला है जैसे कोशिश आगे बिखर जायेगा तू ऐसे जैसे …

लक।

मे तूझमे मिलती अगर तूझमे कल वाली वो तलब होती, तू किसी ओर कि बालों .का फूल है अब वरना तेरे संग तो मे खूदा तक रहती। हर आंसुओं …

काफी हसरतों से मुद्दतों बाद मेने तुझ मे मुझकों पाया है ढूंढा तो खूदा तक था मेने , किस्मत कि लकीरों का भी शौक देखो, मेरा कल में ही …

काश मेरे पास भी कोई कबूतर होता।

काश मेरे पास भी कोई कबूतर होता, जो मेरी बातों को अपने पंखों पर ढोता, बिन कहे समझता कहाँ जाना है । कागज पर लगी स्याही को अपने गुटर …