Author: raquimali

हिंदू-मुस्लिम

हिंदू-मुस्लिम करते-करते, था हुआ देश का बंटवाराहिंदू-मुस्लिम करते-करते फिर बंट रहा देश यह प्यारा।फुर्सत लोगों को है कितनी समझ न आया अब तकलदा हुआ है हिंदू-मुस्लिम से, सोशल मीडिया …

संकल्प

सब बातों को छोड़, बात करते हैं बीएसएनएल कीसंचार-व्यस्था का यह अग्रदूत, है जो नियोक्ता हमारा।यही हमें रोटी देता है, यही कपड़े भी देता है हमकोहमारे घर के सारे …

मानवता जाग उठेगी..Raquim Ali

अभी तो सोया है इंसानकहीं पर खोया है इंसानअभी न रखता किसी का ध्यानअपरमित समझता खुद का ज्ञानएक दिन जागेगा इंसान, मानवता जाग उठेगी;तभी तो होगा सबका कल्याण।अभी तो …

मेरा मुल्क किस तरफ जा रहा है..Raquim Ali

आते-आते अब मेरे देश में एक ऐसा अज़ीब ज़माना आया है;बलात्कारी-हत्यारे को समर्थन देकरवकीलों ने प्रदर्शन करके हीरो बनाया है।अब तो बलात्कार और हत्या का भीजातिकरण, साम्प्रदायिकरण होता जा …

बंद.. Raquim Ali

दो अप्रैल, सन् अठारह को SC/ST का भारतबंद’दस’ को सवर्ण करेगा भारतबंद;’चौदह’ को फिर SC/ST का भारतबंदOBC का बंद अभी तो बाकी हैअभी तो बाकी है सिख, जाट का …

अब वे हैं कि जो मेरी राहों पे… Raquim Ali

अब वे हैं कि… कभी हम, उनका बहुत इंतजार किया करते थेअब वे हैं कि जो मेरा शिद्दत से इंतजार करते हैं;कभी हम उन की राहों को बेजार तका …

ये मधुर एहसास मेरे-Raquim Ali

।आप सभी गुणी जन को सपरिवार नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।ये मधुर एहसास मेरेये नहीं बिल्कुल अकेलेसाथ में हैं सारी यादेंसाथ हैं सारी अदाएं।साथ में दिन-रात हैं सबसाथ …

दीपावली

सब को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएंसब लोग चिंता मुक्त, सुखी रहें सम्पन्न रहें।इस मंच के सभी जन का मान रहे सम्मान रहेसबकी लम्बी आयु रहे,सदा सभी प्रसन्न रहें। Оформить …

चिड़ियों को हम पास बुलाते हैं–Raquim Ali

एक ज़माना था, खूब याद है-वह ज़माना बचपन का था;धान न खा पाए चिड़िया रानी चिड़ियों को जब हम भगाते थे।एक ज़माना अब यह आयातरस रहे हम, आ जाए …

बकरीद की शुभकामनाएं…RaquimAli

जब कोई शुद्ध शाकाहारीजब बकरीद के मौके परकिसी मुस्लिम के लिएमैसेज टाइप करता होगाजब कोई शुद्ध शाकाहारीबकरीद पर मुबारकबाद कामैसेज भेजता होगाया ज़ुबान से कहता होगा;जरूर उसके दिल में …

हम सब बच्चे एक बाग़ लगाते हैं… Raquim Ali

भाग -1दस बच्चों का खेल-खेल मेंएक बनाया गोलासोनू ने चिल्ला-चिल्ला करसब बच्चों से यूं बोला-‘चलो छोटू, चलो मोटूचलो मंटू, चलो संटूचलो चिंटू, चलो मिंटूचलो टुन्ना, चलो टुन्नीचलो मुन्ना, चलो …

रक्षाबंधन…Raquim Ali

रक्षाबंधनजब-जब आता है, रक्षाबंधन का यह प्यारा त्योहारचित्त प्रसन्न हो जाता है, झूम जाता है सारा परिवारफिर से बढ़ जाता है, भाई-बहन में आपस का प्यार।भले साल भर लड़ते …

भटकती हुई जो नई पीढ़ी है..Raquim Ali

भटकती हुई जो नई पीढ़ी हैजिस तरह तेजी से दुनियां आगे बढ़ती जा रही हैजिस तरह तेजी से नई पीढ़ी, बदलती जा रही है।जिस तरहनई पीढ़ी में स्मार्टफोन से …

अगर त्योहार न आते…Raquim Ali

अगर त्योहार न आतेकैसा लगता?बेहद फीका-फीका लगताइतने चुस्त-दुरुश्त न हो पातेहम इतने रोमांचित न हो पाते।जवानन इतना मचल पातेबच्चे, गुब्बारे न उड़ातेमौज-मस्ती, हो-हल्ला न कर पातेवे खुशियां न मना …

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-4)

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-4)03.07.2017: के कुछ और दास्तान:(1).मैंने देखा, विदाई के दौरान पहली बार मेरे ही सामनेएक बुलबुल ने निगल लिया अनार के तीन-चार दानेलगता है …

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-3)…Raquim Ali

भाग-329.06.2017, सुबह:पांच दिन के बाद जब मैं निवास पर वापस अकेले लौटा:दो बच्चे आँखे बंद, घोंसले में सुस्त पड़े दिखे मुझकोतीसरे अंडे का क्या हुआ, आइडिया   नहीं है …

हमसे कोई क्या टकराएगा..Raquim Ali

सिक्किम,  अरुणाचल की छोड़ोचीन, एक इंच भूमि न ले पाएगाकिसी भी देश की क्या जुर्रत है,भारत को जो आँख दिखाएगा?भारत महाबली, परमाणु-सम्पन्न है, अब कमजोर नहीं हैहमसे कोई क्या …

कवि पति – समझदार पत्नि: संवाद…Raquim Ali

‘कवि पति – समझदार पत्नि’ संवाद( नींद में, कवि) पति :’ख़ूबसूरत सा मेरा ख़्याल है, यही चल रहा है मेरे मन मेंखूबसूरत तेरा भी ख्याल होगा, यही होगी बात …

एक पेड़ जो लगाओगे…Raquim Ali

एक पेड़ जो लगाओगे, बहुत पुण्य तुम पाओगेतेज गर्मी में धूप से बचने के लिएजब कोई इंसान या जानवर आएगाउसकी छांव में सुस्ताएगा।बहुत सवाब तुम पाओगे।जब कोई चिड़िया चूं-चूं …

अब तक वे एक नहीं हो पाए हैं…Raquim Ali

आसमान, जमीन, सितारे, शय्यारे, सूरज, खलासमुन्दर, पहाड़, नदियां, झील, पानी, चाँद, हवा;जो सब ये चीजें आज मौजूद हैं,कभी तो पैदा किए गए होंगेकोई तो होगा जो इन्हें कन्ट्रोल करता …

‘श्रीराम मेरे ही हैं’ … Raquim Ali

‘श्रीराम मेरे ही हैं’ तू यह कहता है’किशन हैं मेरे’ तू यह भी कहता है’पावन गंगा मैय्या हैं मेरी यमुना की जलधार मेरी है’तू यह कह कर नादान न …

‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद…Raquim Ali

(‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद)भाग-2(07.06.2017) कुछ दिनों बाद: वो बुलबुल फिर से खाली पड़े कमरे में आने लगी थीपुराने घोंसले पर बैठ जाती मन को मेरे …

मुस्कुराहट…Raquim Ali

मुस्कुराहट1. अपनों की: देखीं, ख़ुशी की कभी शरारत की मुस्कुराहटें। ममता भरी जो मुस्कराहटें थीं अभी याद हैं। डांट से युक्त वालिद की मुस्कानें लाज़वाब थीं।……………………….2. अपनी: मंद-मंद सी …

समर्पण…Raquim Ali

समर्पण1.शादीशुदा के लिए:उठने लगे तेरी क़लम जब एक नग़मा या खत लिखने के लिएसोच लो यह निस्बत-ए-माशूका है, या अहल-ए-खाना के लिए।हो कलाम किसी और पर, तो तोड़ देना …