Author: Rajesh vaishnav

स्वच्छ भारत मिशन

पत्‍नी की अर्ज………………………… मेरे प्रितम मेरी चाहत मेरी अर्ज सुनलो ना बहाना, ना शिकवा, अब शौचालय बनालो मेरे गहने,मेरी बचत, कुछ साहुकार से कर्ज लेलो कुछ पीयर से लाउंगी …

स्वच्छ भारत मिशन

बैटी की अर्ज ………………….. मम्‍मा मै शौचालय बनाउंगी कुछ पैसे देदो ,कुछ कुलक में है कुछ चन्‍दा लाउंगी मम्‍मा में शौचालय बनांउगी स्‍वच्‍छता का नारा, सुन्‍दर मन की माया …

चलती है जिवन नयाँ (प्यार की तलाश )

चलती है कभी जीवन नयाँ बादलो की बोछार है भयाँ दो पल की जुदाई ,फिर मिलने की आस है कैसी है जीन्दगी जिसमें प्यार की तलास है याद आती …

शौचालय का महत्व (स्वच्छ भारत मिशन)

…………………………………. स्वच्छ भारत मिशन ……………………………….. मेरा बचपन भी यु टहलाया था मै भी खुले में शोच जाने का आदी था शोचालय क्या होता है ना जाना ना समझा था …