Author: premchand

कौन कहता है अकेले है हम !

एक में अनेक है आप आपके हाथ में है ऎसी क्षमता आप जिसको पंचायत का प्रधान बना दे आप चाहे जिसको बिधायक बना दे आप चाहे जिसको सांसद बना …

रोटी

नींद तो आती कहांसे भूखे पेट में सपने तो तब आये रोटी के जब खाने मिले रोटी भूखे पेट आंसू भी नहीं आते वह भी पिए जाते है कौन …