Author: प्रभात रंजन

बेटी बा तs जीवन बा(भोजपुरी कविता)

आत्म:चिंतन ——– बड़ा पुरान एगो कहानी बा बाकिर बड़ा सुहानी बा फुरसत मिले तs सुनाई हम इज़ाज़त दs तs गुनगुनाई हम रहे नादान एगो चिरई अंजान एह दुनिया से …

यूँ जिंदगी से ऊब के जाऊं तो मैं कहाँ (ग़ज़ल)

यूँ जिंदगी से रूठ के जाऊं तो मैं कहाँ हैं जख़्म जो सीने में छुपाऊँ तो मैं कहाँ ! हो दर कोई खाली तो बता दे ए रक़ीब ये …

जिंदगी का से का हो गईल (भोजपुरी गीत)

जिंदगी का से का हो गईल यार हमसे जुदा हो गईल प्यार में जे सहारा रहे उहे हमसे जुदा हो गईल जिंदगी .. जाने कईसन तूफां आ गईल गम …

सावन..

सावन.. झूम-झूम सावन आयो घिरी-घिरी फिर बदरा छायो रिमझिम-रिमझिम पड़े फुहार झीर-झीर पुरवा बहे बयार तिनक-धिनक-धिन नाचे मोर जब-जब छाये घटा-घनघोर गोपियों के संग रास रचावे मुरली-मधुर बजावे चितचोर …

एक दिन ऐसा आएगा (हिंदी लोकगीत गीत)

एक दिन ऐसा आएगा तू.. एक दिन ऐसा आएगा तू.. छोड़ के सब चला जायेगा..२ माटी का ये तन तेरा..२ माटी में ही मिल जायेगा ! एक दिन ऐसा… …

है मोहब्बत बुरी.. {हिंदी गीत}

है मोहब्बत बुरी.. {हिंदी गीत} ऐ मेरे दोस्तों तुम जरा जान लो.. है मोहब्बत बुरी ये सदा जान लो ऐ मेरे दोस्तों… मैं दिवाना नहीं..मैं बेगाना नहीं.. हैं भला …

मुझे भी कुछ लिखना है..

जब भी देखता हूँ किसी शायर की शायरी गीत-ग़जल या किसी कवि की वो, मनमोहक, मधुर, मनभावन कविता मेरे अन्तः मन से बस यही आवाज है आती काश… मैं …

दर्द गैरों को अपना सुनाओ ना तुम..

दर्द गैरों को अपना सुनाओ ना तुम सबके हाथों में खंजर है तलवार है सामने संग तेरे चाहे रो लेंगे वो बाद खंजर चुभोने को तैयार है । प्रभात …