Author: navneet

बड़ों से मजाक

बेटे से बोला,बाप बेटा तू अज्ञानी है तेरी आदत हरामी है तू निकम्मा है कमीना है तेरी बुद्धि जानवर की तरह है! बेटा खिसिआया लाल आँख कर बतिआया पिताजी …

उथल- पुथल कौन करेगा

उथल -पुथल कौन करेगा कौन लड़ेगा सत्य लड़ाई भ्रष्टाचार तहस -नहस कर सुख ,शांति और समृद्धि कौन फैलाएगा भारत में! देश मेरा कुछ बोल रहा है , रो रही …

घूमने जाऊँ कहाँ

घूमने जाऊँ कहाँ कहाँ खड़ा रहूँ सिमट जाती हैं मेरी कहानी किसी अनजाने गधे को देखकर ! दरवाजे पर खटखटाने की आवाज फोन की घंटी मुडेर पर बैठी चिड़िआ …

नेताजी भाषण देने लगे

> नेताजी भाषण देने लगे भरी सभा में मानो साधकर तीर दागने लगे गधों पर खोकर होश हवा में किन्तु सिमटकर थोड़े समय में ढेर हो गए क्योंकि साधने …