Author: Mradul

है रात घनी , अँधेरा बड़ा

है रात घनी अँधेरा बड़ाबीच मजधार मुसाफिर खड़ाये लगे थपेड़े आंधी केदेख सामने है तूफ़ान बड़ाहै रात घनी अँधेरा बड़ाथा चला जीतने इंद्रधनुषथी पानी फ़तेह इन लहरों परतूफानों ने …