Author: उर्मिला

वर्शाकाल

वर्शारितु है मस्तानी,कर जाती है सबको दीवानी। वर्शाकाल का है अनोखा अन्दाज, हरियाली फेली है जारो जार। लहरा रहे है खेत खलियान’ फिर तो खुशी का है ना कोई …

मेरे मालिक मेरे खुदा

मेरे मालिक मेरे खुदा, आपको करती हू नमन बारम्बार। हर वक्त हर पल मेरी दुआ करते कुबूल, मेहरो वाला हाथ है हर पल मुझ्पर भरपूर । प्रभू आपकी लीला …

मेरे पापा है मेरे मार्ग दर्शक

मेरे पापा के है रूप अनूप, पापा के कारण है मेरा यह स्वरूप। सच्ची राह पर पापा चलना सिखाते, डगमगाते कदम मेरे है वो सुल्झाते। बचपन मे जब सीखा …

पापा जी

पापा जी आपको जन्म्दिवस की हार्दिक शुभकामनाये, प्रार्थना करती हू प्रभु से सम्पूर्न हो आपकी सभी कामनाये। मुस्कराना आपके चेहरे को देता और निखार, गद्द-गद्द हो जाता है दिल …

मइया का एह्सास

मइया कहा चली गयी हो तुम, खोजती बच्चो की नजरे तुम्हे ह्र्र दम। जिधर जाती हू होता है एहसास तेरा, अखिया देखती है तुझ्हे जहा तहा फिरा। ह्र्र सान्स-सान्स …

कान्हा से प्रेम

कान्हा को कोजते मेरे नैन, बिन देखे उसे नही होता चैन। रैना बीती जाये खाये और सोये, कान्हा की मस्ती बस है खोये। रासलीला है कान्हा ने रचाई, मस्त …

मेरा प्यारा भाई

,मेरे भईया,मेरे चन्दा,मेरे अन्मोल रतन, यह बन्धन ना कभी खत्म हो चाहे कोई कर ले जितने यतन। बचपन के दिन भुलाते नही भुलते, मस्ती करते, शरारते करते, खेलते खिलाते, …

भाई-बहन का प्यर अनूप

बच्पन के दिन और रात, हुम दोनो ने व्यतीत किये है साथ-साथ। खेल्ते कूदते नाचते गाते, करते तमाशे, ना जाने कब हो गये ह्म जवान हन्सते-हन्साते। मनजिले दोनो की …

अन्मोल रतन भाई मेरा

भाई है मेरा अन्मोल रतन, कोइ ना उसके जैसा बन सकता चाहे कर ले लाखो यतन। बाखूबी निभाता है सबकी जिम्मेदारी, कन्धो पर लिये सबके भार तह उम् सारी। …

रक्शाबन्धन

भैय है मेरा अनमोल, इसका नही कोई तोल-मोल-बोल। इत्राता बलखाता चहू ओर. जीत लेता है सबके मन को भोर-भोर। बलिहारि जाती मै उसपर बारम्बार, नज्र्र लगने ना पाये उसे …