Author: Manjusha

मैं इंसान बन रहीं हूँ

जिम्मेदारियों से निपट कर ,मैं इंसान बन रहीं हूँ ,जैसी जीने की थी चाहत ,अब बिंदास जी रही हूँ।ख्वाहिश थी ये पुरानी ,पर चली न मेरी मनमानी ,कुछ काम …

बेटा बेटी में बहुत फर्क होता है

 लोग कुछ भी कहें ,मगर  मै यह मानती हूँ ,कि बेटा बेटी में बहुत फर्क होता है ,बेटी का जहाँ दिल बसता है ,बेटे का वहाँ दिमाग चलता है।बेटे …